पेट्रोल-डीजल को अभी जीएसटी के दायरे में लाना ठीक नहीं: सुशील मोदी

जीएसटी दायरे में लाने से 4.10 लाख करोड़ रुपये के राजस्व की हानी


पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री ने गुरुवार को अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना ठीक नहीं है। इससे 4.10 लाख करोड़ रुपये के राजस्व की हानी होगी। उन्‍होंने कहा कि बिहार सहित अन्य राज्यों को इसका विरोध करना चाहिए।


सुशील मोदी ने कहा कि बिहार सहित अन्य राज्यों के राजस्व की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना कतई उचित नहीं है। उन्‍होंने कहा कि जब जीएसटी परिषद इस मुद्दे पर केरल हाईकोर्ट के निर्देश पर विचार करने वाली है, तब राज्यों को अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए।
भाजपा सांसद ने कहा कि यदि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया गया, तो इन वस्तुओं पर कर 75 फीसदी से घटाकर 28 फीसदी करना पड़ेगा। इससे केंद्र और राज्य सरकारों को 4.10 लाख करोड़ रुपये के राजस्व से वंचित होना पड़ेगा। इसमें डीजल से 1.10 लाख करोड़ रुपये और पेट्रोल से 3 लाख करोड़ की राजस्व हानि होगी।
उन्‍होंने कहा कि कोरोना काल में सरकार इतनी बड़ी राशि की भरपाई नहीं कर पाएगी, जिससे विकास कार्य प्रभावित होंगे। 60 करोड़ लोगों के टीकाकरण, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और अर्थव्यवस्था को कुछ बड़े राहत पैकेज देने जैसे फैसलों से राजस्व संसाधन पर जो दबाव बढा, उसे ध्यान में रखते हुए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी दायरे में लाने का विचार टालना ही उचित होगा।
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि देश की सेवा को अहर्निश समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71वें जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ। वे यशस्वी शासन प्रमुख के रूप में अपने 20 वर्ष भी पूरे कर हैं। इसे भाजपा सेवा-समर्पण सप्ताह के रूप में मना रही है। बिहार सरकार ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर 30 लाख लोगों के टीकाकरण से रिकार्ड बनाने का जो लक्ष्य रखा है, उसे पूरा करने में सबको सहयोग करना चाहिए।

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