यूपी में महापंचायत के बाद करनाल में किसानों का प्रदर्शन, राकेश टिकैत सहित कई किसान नेता हिरासत में

हरियाणा ॥ यूपी मेंं सफल किसान महापंचायत के बाद हरियाणा की ओर कूंच किए किसानों का मंगलवार को करनाल प्रशासन से टकराव हो गया हालात को नियंत्रण मेंं लाने के लिए किसान नेता राकेश टिकैत , गुरनाम सिंह , योगेन्द्र यादव समेत तमाम नेताओं को पुलिस ने हिरासत मेंं ले लिया ।   

करनाल में मंगलवार को किसानों ने प्रदर्शन किया. संयुक्त किसान मोर्चा की मांग थी कि  28 अगस्त को जिले में हुए प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा करनाल मिनी सचिवालय का घेराव करेंगे. प्रशासन की हिदायत के बाद भी किसानों ने लघु सचिवालय की ओर कूंच किया .जिसको लेकर किसान व पुलिस-प्रशासन आमने सामने आ गया। कानून व्यवस्था बेकाबू होता देख वहीं ने किसान नेता राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव समेत कुछ कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया। 

किसानों ने निकाली बसों की हवा नमस्ते चौक के पास हजारों की संख्या में पहुंचे किसानों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से पहले से बसे बुलाई गई थी, किसानों ने बसों की हवा निकाल दी. वहीं पुलिस ने हिरासत में लेने के कुछ देर बाद सभी किसान नेताओं को रिहा कर दिया है. 


छावनी में तब्दील हुआ लघु सचिवालय एरिया


किसानों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए हालात को काबू मेंं करने के लिए लघु सचिवालय के दोनों गेटों को अंदर से बंद कर दिया गया जबकि अंदरसीआरपीएफ की बटालियन तैनात करते हुए . बाहर से ITBP , CRPF  और हरियाणा पुलिस की बटालियन तैनात की गई । मौके की नजाकत को देखते हुए स्पेशल अलर्ट पर रहने वाली पैरामिलिट्री फोर्स समेत 40 कंपनियां भी तैनात की गई हैं. साथ ही दंगा नियंत्रण वाहन, आंसू गैस, वाटर कैनन वाहन के साथ सुरक्षा बल को अलर्ट रहने का निर्देश दिए गए हैं.


मुज्जफरनगर  महापंचायत में दी थी सरकार को चेतावनीरविवार को मुज्जफरनगर में संयुक्त किसान मोर्चा व भाकियू ने किसानों ने केंद्र सरकार के कृषि बिल के विरोध में महापंचायत का आयोजन किया था, जिसमें 23 राज्यों से लाखों की सख्यां में किसान पहुंचे थे. महापंचायत को राकेश टिकैत सहित कई बड़े किसान नेताओं ने संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी व सीएम योगी को बाहरी बताया था. साथ ही सरकार से कृषि बिल वापस नहीं लेने पर अनिश्चित कालीन आंदोलन की चेतावनी दी थी.महापंचायत में इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए थे.

मंगलवार को जैसे ही किसान नेता राकेस्ग टिकैत की गिरफ्तारी की ख़बर मुजफ्फरनगर पहुंची डीजीपी यूपी मुकल गोयल ने पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश मेंं हाई अलर्ट ज़ारी स्थिति को नियंत्रण मेंं करने के निर्देश ज़ारी कर दिए हैं।  


28 अगस्त को किसानों पर हुआ था लाठीचार्ज, जानेमामलाबीते 28 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने ‘ बसतारा टोल प्लाजा’ पर किसानों के ऊपर लाठीचार्ज किया था, जिसमें कई किसान घायल हो गए थे. आरोप है कि इस पुलिसिया  कार्रवाई में घायल हुए करनाल के रायपुर जाटान गांव निवासी एक किसान की अगले ही दिन मौत हो गई थी. 

बता दें कि इसके विरोध में 30 अगस्त को भाकियू ने घरौंडा अनाज मंडी में महापंचायत भी की थी, इस दौरान हरियाणा सरकार से मृतक किसान के परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा व  परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी के साथ घायल किसानों को  2-2 लाख रुपए मुआवजा देने व लाठीचार्ज के आदेश देने वाले आधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की थी. 

इसलिए किया घेराव किसान संगठनों की 6 सितंबर को प्रशासन के साथ बैठक हुई, जिसे कोई नतीजा नहीं निकला. इसके बाद अपनी मांगो को लेकर किसानों ने मंगलवार को लघु सचिवालय का घेराव किया था जिसमें टकराव के चलते नतीजा सिफर रहा।  

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